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गरूड पुराण

  • गरुड़ पुराण – ग्यारहवाँ अध्याय
    गरुड़ पुराण – ग्यारहवाँ अध्याय दशगात्र – विधान गरुड़ उवाच गरुड़ जी बोले – हे केशव !आप दशगात्र विधि के संबंध में बताइए, इसके करने से कौन-सा पुण्य प्राप्त होता है और पुत्र के अभाव में इसको किसे करना चाहिए। श्रीभगवानुवाच श्रीभगवान बोले – हे तार्क्ष्य ! अब मैं दशगात्रविधिContinue reading “गरुड़ पुराण – ग्यारहवाँ अध्याय”
  • गरुड़ पुराण – बारहवाँ अध्याय
    गरुड़ पुराण – बारहवाँ अध्याय एकादशाहकृत्य-निरुपण, मृत-शय्यादान, गोदान, घटदान, अष्टमहादान, वृषोत्सर्ग, मध्यमषोडशी, उत्तमषोडशी एवं नारायणबलि गरुड़ उवाच गरुड़जी ने कहा –हे सुरेश्वर ! ग्यारहवें दिन के कृत्य-विधान को भी बताइए और हे जगदीश्वर!वृषोत्सर्ग की विधि भी बताइये।श्रीभगवानुवाच श्रीभगवान ने कहा – ग्यारहवें दिन प्रात:काल ही जलाशय पर जाकर प्रयत्नपूर्वक सभीContinue reading “गरुड़ पुराण – बारहवाँ अध्याय”
  • गरुड़ पुराण – तेरहवाँ अध्याय
    गरुड़ पुराण – तेरहवाँ अध्याय अशौचकाल का निर्णय, अशौच में निषिद्ध कर्म, सपिण्डीकरण श्राद्ध, पिण्डमेलन की प्रक्रिया, शय्यादान, पददान तथा गया श्राद्ध की महिमा गरुड़ उवाच गरुड़जी ने कहा –हे प्रभो! सपिण्डन की विधि, सूतक का निर्णय और शय्यादान तथा पददान की सामग्री एवं उनकी महिमा के विषय में कहिए।Continue reading “गरुड़ पुराण – तेरहवाँ अध्याय”
  • गरुड़ पुराण – चौदहवाँ अध्याय
    गरुड़ पुराण – चौदहवाँ अध्याय यमलोक एवं यम सभा का वर्णन, चित्रगुप्त आदि के भवनों का परिचय, धर्मराज नगर के चार द्वार, पुण्यात्माओं का धर्म सभा में प्रवेश गरुड़ उवाच गरुड़ जी ने कहा – हे दयानिधे ! यमलोक कितना बड़ा है?कैसा है? किसके द्वारा बनाया हुआ है?वहाँ की सभाContinue reading “गरुड़ पुराण – चौदहवाँ अध्याय”
  • गरुड़ पुराण – पंद्रहवाँ अध्याय कुंडलिनी
    गरुड़ पुराण – पंद्रहवाँ अध्याय धर्मात्मा जन का दिव्यलोकों का सुख भोगकर उत्तम कुल में जन्म लेना, शरीर के व्यावहारिक तथा पारमार्थिक दो रूपों का वर्णन, अजपाजप की विधि, भगवत्प्राप्ति के साधनों में भक्ति योग की प्रधानता गरुड़ उवाच गरुड़ जी ने कहा – धर्मात्मा व्यक्ति स्वर्ग के भोगों कोContinue reading “गरुड़ पुराण – पंद्रहवाँ अध्याय कुंडलिनी”
  • गरुड़ पुराण – सोलहवाँ अध्याय
    गरुड़ पुराण – सोलहवाँ अध्याय मनुष्य शरीर प्राप्त करने की महिमा, धर्माचरण ही मुख्य कर्तव्य, शरीर और संसार की दु:खरूपता तथा नश्वरता, मोक्ष-धर्म-निरूपण गरुड़ उवाच गरुड़ जी ने कहा – हे दयासिन्धो ! अज्ञान के कारण जीव जन्म-मरणरूपी संसार चक्र में पड़ता है, यह मैंने सुना। अब मैं मोक्ष केContinue reading “गरुड़ पुराण – सोलहवाँ अध्याय”
  • Garuda Purana
    Garuda Purana
  • Garud Purana
    गरूड पुराण Garud Puran गरूड पुराण No. गरूड पुराण अध्याय Discription 1- गरूड पुराण अध्याय 1 से 10 अध्याय 2– गरूड पुराण 11 से 16 अध्याय 3– अग्नि पुराण अध्याय गरूड पुराण अध्याय SadhGuru Table No. Name Descriptions 1- Param Shiva परम शिव मंत्र साधना 2– Natraj Shiva नटराज मंत्रContinue reading “Garud Purana”

Garud Puran

गरूड पुराण

No. गरूड पुराण अध्याय Discription
1- गरूड पुराण अध्याय 1 से 10 अध्याय
2– गरूड पुराण 11 से 16 अध्याय
3– अग्नि पुराण अध्याय
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